सुबोध सिंह, क्राइम रिपोर्टर बांका, बिहार
रिश्वतखोरों के बाद अब आय से अधिक संपत्ति वालों की खुलेगी कुंडली
बांका में निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद स्पेशल ब्रांच सक्रिय, शंभूगंज के दो सरकारी सेवकों की संपत्ति की जानकारी जुटाने का
बांका जिले में लगातार निगरानी विभाग की कार्रवाई और रिश्वत लेते पदाधिकारियों एवं सरकारी कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद अब स्पेशल ब्रांच भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर रखने के साथ ही अब आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले सरकारी सेवकों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। शंभूगंज प्रखंड में भी स्पेशल ब्रांच की टीम विभिन्न विभागों में कार्यरत ऐसे कर्मियों और पदाधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा खंगाल रही है,
जिनकी घोषित आय और कथित संपत्ति में अंतर होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान सरकारी सेवकों की चल-अचल संपत्ति, जमीन-जायदाद, मकान, वाहन, बैंक खातों और अन्य निवेश से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा उनकी सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन एवं अन्य वैध आय का भी आकलन किया जा सकता है। संपत्ति और आय के बीच बड़ा अंतर सामने आने पर संबंधित कर्मी के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों के माध्यम से प्रदेश मुख्यालय को भेजे जाने की बात कही जा रही है।
स्पेशल ब्रांच के एक पदाधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र में अब तक दो सरकारी सेवकों के बारे में ऐसी जानकारी सामने आई है, जिनके पास उनकी आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। टीम इन दोनों के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी इन सरकारी सेवकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है।
प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न विभागों में लंबे समय से पदस्थापित कर्मियों की संपत्ति और उनकी आय के स्रोतों पर भी नजर रखी जा रही है। खासकर ऐसे कर्मी जांच के दायरे में हैं, जिनके खिलाफ पूर्व में शिकायतें मिली हैं या जिनकी संपत्ति में अचानक बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है।गौरतलब है कि बांका जिले में हाल के दिनों में निगरानी विभाग की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। रिश्वत लेने के आरोप में पदाधिकारियों और कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद अब भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल तेज होने की चर्चा है।
स्पेशल ब्रांच की इस सक्रियता से सरकारी सेवकों में भी सतर्कता बढ़ गई है।हालांकि आय से अधिक संपत्ति के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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