कुणाल शेखर ,ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर ,बिहार
भागलपुर जिले में गंगा के उफान से भागलपुर जिले की 86 से अधिक पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे मुश्किल समय में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत बन रही है। शाहकुंड की अंचलाधिकारी (सीओ) हर्षा कोमल इन दिनों राहत कार्यों के दौरान अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में हैं। दुर्गम इलाकों में जब सामान्य वाहन पहुंचने में असमर्थ हैं, तब सीओ ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंच रही हैं और लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित करा रही हैं।
शाहकुंड प्रखंड की खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायतें बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही हैं। इन इलाकों में कई जगह सड़कें और रास्ते पानी में डूबे हैं। इसके बावजूद सीओ हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रभावित गांवों का लगातार दौरा कर रही हैं। कई स्थानों पर वह कमरभर पानी के बीच पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हाल जान रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।
स्थानीय बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि अधिकारी के इस तरह सीधे गांवों तक पहुंचने से उन्हें प्रशासन पर भरोसा मिला है। लोगों को राहत सामग्री के साथ यह भरोसा भी मिल रहा है कि संकट की घड़ी में प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर शाहकुंड सहित प्रभावित प्रखंडों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। लेकिन सीओ हर्षा कोमल की ट्रैक्टर से बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचती तस्वीरें यह संदेश दे रही हैं कि आपदा के समय अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्राउंड जीरो पर उतरकर लोगों की मदद भी कर सकते हैं।
हमारे संवाददाता कुणाल शेखर के साथ बातचीत में सीओ हर्षा कोमल ने बाढ़ राहत कार्यों और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की चुनौती पर विस्तार से जानकारी दी।
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