सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर बांका ,बिहार
धान का बिचड़ा उखाड़ते समय मूर्छित होकर गिरे श्रमिक की मौत
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के बेलारी गांव में रविवार को धान का बिचड़ा उखाड़ने के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से एक श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बेलारी गांव निवासी 45 वर्षीय कुलदीप मांझी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, मांझी बस्ती में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों के अनुसार, कुलदीप रविवार को भूखे-प्यासे किसान के खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ने के लिए बहियार गए थे। खेत में काम करने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़े। बहियार में काम कर रहे अन्य किसानों ने इसकी सूचना उनके परिजनों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूगंज ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
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| मृतक का फाइल फोटो |
कई माह से उच्च रक्तचाप व हृदय रोग से थे पीड़ित
घटना के बाद कुलदीप की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। परिजनों ने बताया कि वह पिछले कई माह से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित थे। आशंका जताई जा रही है कि खेत में काम करने के दौरान अचानक हृदय गति रुकने से उनकी मौत हुई होगी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पांच संतानों के सिर से उठा पिता का साया
कुलदीप मांझी अपने पीछे पत्नी रुबी देवी, चार पुत्र और एक पुत्री समेत पांच संतानों को छोड़ गए हैं। पति की मौत के बाद पत्नी रुबी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने बच्चों के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंता जता रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार, कुलदीप मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। ग्रामीण कमल कुमार, बबुआ बिहारी समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
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