प्रीतम सुमन, ब्यूरो रिपोर्ट बांका ,बिहार
बादशाहगंज में अज्ञात बीमारी से तीन दर्जन बकरियों की मौत, पशुपालकों का अस्पताल में हंगामा
बांका अमरपुर प्रखंड की भिखनपुर पंचायत अंतर्गत बादशाहगंज गांव में अज्ञात बीमारी से करीब तीन दर्जन बकरियों की मौत होने से पशुपालकों में आक्रोश फैल गया। नाराज लाभुक मंगलवार को अमरपुर पशु अस्पताल पहुंच गए और अनुदान योजना के तहत घटिया व बीमार बकरियां देने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग की।
पशुपालकों रामजीवन कुंवर, अरुण पासवान, धर्मेंद्र पासवान, साजो देवी, सुरेंद्र दास और फिरंगी दास ने बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पहले बकरी पालन योजना के लिए आवेदन किया था। 18 अगस्त को पशु अस्पताल से सूचना मिलने पर उन्हें क्षितिज एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, पटना द्वारा प्रति लाभुक तीन-तीन बकरियां दी गईं। घर ले जाने के कुछ ही दिनों बाद अनुदान में मिली बकरियां एक-एक कर मरने लगीं। इसके साथ ही उनके घरों में पहले से मौजूद बकरियां भी बीमारी की चपेट में आ गईं।
युवा समाजसेवी बिपिन कुमार ठाकुर ने बताया कि सभी लाभुक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। योजना के तहत 15 हजार रुपये का अनुदान स्वीकृत था, लेकिन एससी-एसटी लाभुकों से प्रति बकरी 500 रुपये और सामान्य वर्ग के लाभुकों से 1000 रुपये अग्रिम राशि कंपनी को ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की रसीद पर अंकित मोबाइल नंबर भी अमान्य निकला।ग्रामीणों के अनुसार रामजीवन कुंवर की छह, अरुण पासवान की दस, धर्मेंद्र पासवान की चार, साजो देवी की पांच, सुरेंद्र दास की पांच तथा फिरंगी दास की तीन बकरियों की मौत हो चुकी है।
इधर, पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. कृष्णकांत सिंह ने बताया कि कुल 18 लाभुकों के बीच विभिन्न गांवों में बकरियां वितरित की गई थीं। बकरियों की मौत की सूचना केवल बादशाहगंज से मिली है। प्रथम दृष्टया मामला पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) बीमारी का प्रतीत होता है, जो अत्यंत संक्रामक है। उन्होंने कहा कि जांच और सैंपल परीक्षण के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी।
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