कुणाल शेखर, ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर ,बिहार
7 दिन में 21.59 लाख गंवाए, डिप्रेशन में खुदकुशी करने जा रहे थे शिक्षक
सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर साइबर ठग किस तरह लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, इसका एक और मामला सामने आया है। भागलपुर के एक सरकारी शिक्षक सात दिनों के भीतर साइबर ठगी के जाल में फंसकर करीब 21 लाख 59 हजार रुपये गंवा बैठे। रकम डूबने के बाद शिक्षक गहरे अवसाद में चले गए और खुदकुशी करने तक का विचार मन में आने लगा। हालांकि पत्नी और परिजनों के अटूट भरोसे व समझाइश ने उन्हें संभाल लिया।
पीड़ित शिक्षक ने बताया कि वे पहले रेलवे में तकनीशियन के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2022 में टीएसआई-1 के तहत सरकारी शिक्षक बने और उसी साल उनकी शादी हुई। जुलाई 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में कई लोग भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट डाल रहे थे। इससे प्रभावित होकर उन्होंने शुरुआत में छोटा निवेश किया, जिसमें उन्हें कुछ फायदा हुआ।
इसके बाद ठगों ने उनका भरोसा जीत लिया। शिक्षक ने बैंक से ऋण लिया, क्रेडिट कार्ड से राशि जुटाई और जान-पहचान वालों से पांच से दस दिन में लौटाने का वादा कर कर्ज लिया। इस तरह उन्होंने लगभग 21.59 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया, लेकिन बाद में संपर्क तोड़ दिया। शिक्षक के पास न निवेश की राशि बची और न ही कथित मुनाफे की रकम मिली।
रकम गंवाने के बाद वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें लगने लगा था कि अब जिंदगी खत्म हो गई है। पत्नी और परिवार ने उन्हें समझाया कि पैसे धीरे-धीरे वापस किए जा सकते हैं, लेकिन उनकी जिंदगी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। परिजनों के समझाने के बाद शिक्षक ने हिम्मत जुटाई और अब ठगी की रकम वापस पाने के लिए साइबर थाने का रुख किया है। बुधवार को वे होल्ड की गई राशि की वापसी की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए साइबर थाने पहुंचे।
.png)




