सूरजकांत ब्यूरो रिपोर्ट ,पटना (बिहार)
राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, एक महीने में 62 अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई की जद में
बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले एक महीने में 62 अधिकारियों और कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की निगरानी में चल रहे विशेष अभियान के तहत लगातार समीक्षा के बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में दो और अंचल अधिकारियों (सीओ) के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति मिलने के बाद कार्रवाई का आंकड़ा बढ़कर 62 हो गया है।
विभाग के अनुसार, सुपौल के तत्कालीन अंचल अधिकारी पर सरकारी डीजल का निजी वाहन में उपयोग करने का आरोप है। वहीं फारबिसगंज के पूर्व अंचल अधिकारी के खिलाफ एक बंदोबस्त रद्दीकरण मामले में अनावश्यक विलंब करने पर विभागीय चार्जशीट को मंजूरी दी गई है।
इससे पहले 19 जून को पटना सिटी की तत्कालीन डीसीएलआर अभिलाषा सिन्हा पर दाखिल-खारिज अपील के एक मामले में 15 लाख रुपये रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप के बाद उनके निलंबन की अनुशंसा की गई थी। विभागीय जांच में कई अन्य अधिकारियों पर भी फर्जी दाखिल-खारिज, परिमार्जन में अनियमितता, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी, रिश्वतखोरी तथा आम लोगों के कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने जैसे आरोप सामने आए हैं।
विभागीय कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। 12 जून को आठ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जबकि 19 जून को एक साथ 10 अधिकारियों पर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की स्वीकृति दी गई। इसके बाद 3 जुलाई को दो और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने से कुल संख्या 62 तक पहुंच गई।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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