सूरजकांन्त ,ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
बिहार बंद मामले में बेऊर जेल से रिहा हुए तेज प्रताप यादव, जमानत मिलने के बाद बाहर आए
राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगलवार शाम बेऊर केंद्रीय कारागार से रिहा हो गए। 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले तथा अदालत से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी।
जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई की शाम पुलिस ने तेज प्रताप यादव को पटना के एक मॉल से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजने का आदेश दिया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में लगातार हलचल बनी रही और विपक्ष ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए।
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया, भीड़ को भड़काया तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया। उनके खिलाफ दंगा भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। कुल मिलाकर उन पर 12 से अधिक गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।
मंगलवार को अदालत से जमानत मिलने और छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के सरकारी निर्णय के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। जेल से बाहर निकलने पर उनके समर्थकों ने स्वागत करते हुए नारेबाजी की।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। तेज प्रताप यादव ने रिहाई के बाद समर्थकों का अभिवादन किया और कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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