सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर ,बांका (बिहार)
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर दस्तावेज जुटाने से मचा हड़कंप, प्रशासन ने कहा- सहायता राशि को लेकर नहीं मिला कोई आदेश
मुंगेर के असरगंज से धौरैया तक राज्य राजमार्ग (एसएच) के निर्माण एवं चौड़ीकरण की प्रक्रिया के बीच सड़क किनारे बसे दुकानदारों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी मांगे जाने से शनिवार को बाजार में हड़कंप मच गया। कुछ लोगों द्वारा सरकारी सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर दस्तावेज जमा कराने की सूचना फैलते ही दुकानदारों में साइबर ठगी की आशंका गहरा गई। मामले की जानकारी प्रखंड एवं अंचल प्रशासन तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने तत्काल स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
![]() |
जानकारी के अनुसार, धौरैया-असरगंज एसएच के चौड़ीकरण को लेकर इन दिनों सड़क की मापी का कार्य अंतिम चरण में है। इसी बीच पिछले तीन दिनों से डीएए विद्यालय के समीप स्थित पंचायत भवन में कुछ लोग खुद को राजस्व अमीन बताते हुए सड़क किनारे प्रभावित दुकानदारों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता संख्या जमा करा रहे थे। संबंधित व्यक्ति ने अपना नाम प्रदीप प्रजापति बताया और दावा किया कि सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के लिए दस्तावेज लिए जा रहे हैं।
शनिवार को पहले से जागरूक कुछ दुकानदारों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए साइबर ठगी की आशंका जताई। देखते ही देखते बाजार में इसकी चर्चा फैल गई और कई दुकानदार अपने जमा किए गए दस्तावेज वापस लेने पंचायत भवन पहुंच गए। इससे पूरे बाजार में ऊहापोह की स्थिति बन गई।
मामले की सूचना मिलने पर प्रशासन सक्रिय हुआ। अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल सड़क की मापी कर अतिक्रमित दुकान एवं मकानों का चिन्हांकन और सूचीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक खाते की जानकारी मांगने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है और लोगों को ऐसे किसी भी व्यक्ति को दस्तावेज बिना नोटिस मिले नहीं देना चाहिए।
वहीं, अंचल राजस्व पदाधिकारी अभय कुमार ने भी बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सहायता राशि के लिए दस्तावेज एकत्र करने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल अधिकारियों को दें।
.png)




