सूरजकांत ब्यूरो रिपोर्ट, पटना (बिहार)
बिहार में कानून-व्यवस्था होगी और मजबूत, 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने का ऐलान
बिहार में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इन विशेष अदालतों के शुरू होने से गंभीर आपराधिक मामलों का त्वरित निपटारा होगा और अपराधियों को समयबद्ध सजा मिलने से कानून का भय बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कई गंभीर आपराधिक मामले वर्षों से लंबित हैं। नए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी होगी, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। सरकार का उद्देश्य आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत करना है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस और न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा अन्य वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग जांच और साक्ष्य संकलन में बढ़ाया जाएगा, ताकि अपराध की जांच अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
सरकार राज्य के सभी थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और आधुनिक साक्ष्य संग्रह प्रणाली उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अपराध की जांच में तेजी आएगी और दोषियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, आपातकालीन सेवा डायल 112 की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने इसका औसत रिस्पॉन्स टाइम वर्तमान 10 मिनट से घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और अन्य सेवाएं लोगों तक और तेजी से पहुंच सकें।
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