सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
बिहार की विकास रेखा बनेगा रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे, शंभूगंज में अधिकारियों ने किया निरीक्षण, चार घंटा में बांका से कलकत्ता पहुंचेगें लोग
भूमि सर्वेक्षण और एलाइनमेंट जांच को मिली रफ्तार, बांका से कोलकाता की दूरी होगी बेहद आसान
बिहार के अब तक के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बांका जिला प्रशासन एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारियों की टीम शंभूगंज पहुंची और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए होने वाले भूमि सर्वेक्षण तथा एलाइनमेंट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में बांका के अपर समाहर्ता (एडीएम) अजीत कुमार, भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज कुमार, अंचलाधिकारी जुगनू रानी तथा निर्माण कंपनी के अधिकारी शामिल थे। पांच सदस्यीय टीम ने शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाले प्रस्तावित मार्ग का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे का मार्ग शंभूगंज प्रखंड के धर्मपुर, कुरमा और करणपुर क्षेत्र से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे शंभूगंज बाजार से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर निर्मित होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इसका सीधा संपर्क शंभूगंज बाजार से नहीं रहेगा, क्योंकि इसे लंबी दूरी की तेज रफ्तार यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित संभावित चुनौतियों, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति तथा एलाइनमेंट की व्यवहारिकता का मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
अधिकारियों की टीम ने बताया कि बिहार में लगभग 800 किलोमीटर लंबाई वाले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाएगा। प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई करीब 60 मीटर होगी तथा इसे जमीन से लगभग 20 फीट ऊंचाई पर विकसित करने की योजना है। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और यातायात का संचालन अधिक सुगम होगा।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे को बिहार के आर्थिक विकास का नया इंजन माना जा रहा है। यह परियोजना बिहार को पश्चिम बंगाल के प्रमुख औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद माल परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने की संभावना है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से बांका, भागलपुर और आसपास के जिलों के विकास को नया आयाम मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आवागमन भी आसान हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद बांका से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता तक की यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां लंबी दूरी तय करने में कई घंटे अधिक लगते हैं, वहीं इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लोग करीब चार घंटे में कोलकाता पहुंच सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अंचलाधिकारी जुगनू रानी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्रवासियों को अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने का इंतजार है, जो बिहार के विकास की नई तस्वीर गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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