सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
धान गबन की गूंज से हिला चुटिया बेलारी पैक्स, अध्यक्ष निलंबित
27 लाख से अधिक की अनियमितता का आरोप, बीसीओ बने प्रशासक; विभागीय जांच तेज
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड के चुटिया बेलारी पैक्स लिमिटेड में धान खरीद और सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) जमा करने में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान हुए इस कथित घोटाले की जांच में खाद्यान्न की भारी कमी पाए जाने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी मो. जैनुल आबदीन अंसारी ने पैक्स अध्यक्ष मो. शहबाज उर्फ हफीज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पैक्स के संचालन की जिम्मेदारी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) बिपिन कुमार को सौंपते हुए उन्हें प्रशासक नियुक्त किया गया है।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार चुटिया बेलारी पैक्स ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में कुल 579.400 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी। नियमानुसार इस धान के एवज में 397.932 मीट्रिक टन सीएमआर राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को उपलब्ध कराया जाना था। हालांकि पैक्स द्वारा केवल 232 मीट्रिक टन सीएमआर ही जमा कराया गया। शेष 165.932 मीट्रिक टन सीएमआर का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा विभाग को उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
मामले की शिकायत मिलने के बाद 30 मई 2026 को अधिकारियों की टीम ने पैक्स गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम में लगभग 216 मीट्रिक टन धान की कमी पाई गई। इसके बाद पैक्स अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया। अध्यक्ष ने अपने जवाब में 850 क्विंटल धान बेलहर स्थित एक मिलर को भेजे जाने की बात कही, लेकिन इसके समर्थन में कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच रिपोर्ट में करीब 27 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खाद्यान्न में गंभीर अनियमितता और गबन की आशंका जताई गई है। जिसमें 17 लाख विभाग को दिया गया है। और 6 लाख 50 हजार का मामला लंम्बित रहने के मामले में विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध आगे और कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
दूसरी ओर, निलंबित पैक्स अध्यक्ष मो. शहबाज उर्फ हफीज ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत साजिश करार दिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने पर वे निर्दोष साबित होंगे। बीसीओ बिपिन कुमार ने बताया कि फिलहाल केवल अध्यक्ष को निलंबित किया गया है, जबकि कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत कार्य करते रहेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 में भी इसी पैक्स में लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया था, जिससे एक बार फिर सहकारिता व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं आरोपी पैक्स अध्यक्ष ने अपने ऊपर लगे आरोप को भी बेबुनियाद बताया है उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई घोटाला नहीं किया है उसके पास सारा दस्तावेज है, जल्द ही वह प्रस्तुत कर देंगे उन्हें सिर्फ बदनाम करने और फंसाने की साजिश चल रही है।
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