सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
तिलडीहा में आस्था का सैलाब बना आफत, पुल पर मची भगदड़ जैसी स्थिति![]()
बदुआ नदी में उतरकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
शंभूगंज स्थित प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में मंगलवार को माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा क्षेत्र घंटों तक अस्त-व्यस्त बना रहा। बदुआ नदी पर बने संकीर्ण पुल पर अत्यधिक भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालत यह हो गई कि जान जोखिम में डालकर कई श्रद्धालु पुल से नीचे उतरकर नदी के रास्ते मंदिर पहुंचने लगे। इस दौरान कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो गए।
सुबह से ही मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते मंदिर जाने वाले मार्ग, बदुआ पुल और आसपास का इलाका हजारों श्रद्धालुओं से भर गया। खासकर नए वाहनों की पूजा कराने पहुंचे लोगों की भारी संख्या के कारण पुल पर लंबा जाम लग गया। बाइक, कार और अन्य वाहनों की कतार लगने से पैदल श्रद्धालुओं के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।
पुल काफी संकीर्ण होने के कारण भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया। जगह नहीं मिलने पर श्रद्धालुओं ने पुल के नीचे उतरकर नदी पार करना शुरू कर दिया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी पानी में भींगते हुए जय माता दी के जयकारे लगाकर मंदिर की ओर बढ़ते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग नदी में फिसल गए, जबकि कई श्रद्धालु भीड़ में दबकर चोटिल हो गए। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली, लेकिन स्थिति काफी भयावह बनी रही।
सबसे बड़ी बात यह रही कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई। पुल और मंदिर परिसर में पुलिस बल की कमी साफ दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई विशेष बैरिकेडिंग या यातायात व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसके बावजूद प्रशासन ने इस बार भीड़ नियंत्रण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
मंदिर के प्रधान पुजारी श्याम आचार्य सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मई महीने में तिलडीहा मंदिर में इतनी भीड़ पहले कभी नहीं देखी गई। उनका कहना था कि करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे होंगे। सुबह से लेकर करीब दस बजे तक भीड़ अपने चरम पर रही। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी।
भीड़ और जाम के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवागमन प्रभावित रहा। कई श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। स्थानीय दुकानदारों ने भी प्रशासन से स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि बदुआ पुल का चौड़ीकरण और पर्व-त्योहारों में विशेष सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हो गया है, अन्यथा भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष आदर्श कुंदन ने बताया कि भीड़ की सूचना मिलते ही चौकीदारों एवं डायल 112 पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया और बाद में भीड़ धीरे-धीरे सामान्य हो गई।
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