सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
खनन माफियाओं का दुस्साहस: छापेमारी में निरीक्षक को घेरा, जब्त ट्रैक्टर छुड़ाया
बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ मंगलवार को की गई कार्रवाई के दौरान खनन माफियाओं का दुस्साहस एक बार फिर खुलकर सामने आया। गढ़ी मोहनपुर गांव के समीप बदुआ नदी में खनन निरीक्षक प्रीति कुमारी के नेतृत्व में पहुंची टीम को न केवल विरोध का सामना करना पड़ा, बल्कि माफियाओं ने उन्हें घेरकर जब्त किए गए ट्रैक्टर को जबरन छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, बदुआ पुल के दक्षिण इलाके में छापेमारी के दौरान कई ट्रैक्टरों पर अवैध बालू लदा मिला। कागजात मांगने पर खुद को वैध ठेकेदार बताने वाले लोग कोई प्रमाण नहीं दिखा सके, जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और माफियाओं ने एकजुट होकर प्रशासनिक टीम पर दबाव बना दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान जब्त ट्रैक्टर को छुड़ाकर माफिया भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राज कुमार प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। संग्रामपुर थाना पुलिस के सहयोग से हालात पर काबू पाया गया और खनन कार्य बंद कराया गया। इस दौरान बांका-मुंगेर सीमा विवाद भी सामने आया, जिसका फायदा उठाकर माफिया कार्रवाई से बचने की कोशिश करते दिखे। प्रशासन ने अब कागजी नक्शे के आधार पर सीमांकन कराने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले हो चुके हैं। तत्कालीन सीओ प्रभात कुमार, अमलचंद कुमार और थानाध्यक्ष हरिशंकर कश्यप समेत अन्य अधिकारियों पर माफियाओं ने हमला किया था। बंधुडीह में भी पुलिस पर हमला हो चुका है, लेकिन सख्त कार्रवाई के अभाव में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
लगातार हो रही घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक ठोस और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अवैध खनन और माफियाओं का आतंक थमने वाला नहीं है।
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