सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर ,बांका बिहार
स्पीड ब्रेकर बना जानलेवा: सड़क हादसे में आशा कार्यकर्ता की मौत, गांव में मातम
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिलानी सड़क पर मंझगांय के समीप दो दिन पूर्व हुई दुर्घटना में घायल आशा कार्यकर्ता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान भलुआ गांव निवासी 45 वर्षीय गीता देवी, पति नरेश मंडल के रूप में हुई है। घटना के बाद से परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार को गीता देवी अपने पुत्र सोनू के साथ बाइक पर सवार होकर थाना गई थीं। वह पड़ोसियों के साथ चल रहे जमीन विवाद से संबंधित शिकायत दर्ज कराने पहुंची थीं। थाना से लौटने के दौरान मंझगांय मोड़ के पास सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण बाइक अचानक असंतुलित हो गई। संतुलन बिगड़ने से पीछे बैठी गीता देवी सिर के बल सड़क पर गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक डॉ. अजय शर्मा ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। भागलपुर में भी हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों की सलाह पर परिजन उन्हें सिलीगुड़ी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गीता देवी ने दम तोड़ दिया।
गीता देवी की असामयिक मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पति नरेश मंडल खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि घर की जिम्मेदारी में गीता देवी का बड़ा योगदान था। उनके दो पुत्र हैं—बड़ा समशेर और छोटा सोनू। मां के निधन से दोनों पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में भी शोक का माहौल है। पंचायत की मुखिया सुभद्रा देवी, ग्रामीण पारसमणी मंडल सहित कई लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। अस्पताल प्रभारी डॉ. अजय शर्मा, प्रबंधक अमित कुमार और आशा मैनेजर रवि कुमार ने भी गीता देवी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया कि गीता देवी एक समर्पित और मेहनती आशा कार्यकर्ता थीं। वह पौकरी पंचायत के वार्ड संख्या एक और दो में गर्भवती महिलाओं की देखभाल और टीकाकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाती थीं। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग को भी अपूरणीय क्षति हुई है।
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