कुणाल शेखर, ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर, बिहार
राघोपुर में गंगा की तबाही, 150 मीटर तटबंध बहा; 6 पक्के मकान गंगा में समाए
करोड़ों खर्च और सीएम के निरीक्षण के बाद भी नहीं थमा कटाव, खतरे में कई घर; मंत्री पहुंचे, फिर शुरू हुआ कटावरोधी कार्य
भागलपुर। गंगा के भीषण कटाव ने राघोपुर में भारी तबाही मचाई है। देर रात करीब 150 मीटर तटबंध गंगा में समा गया, जबकि छह से अधिक पक्के मकान और कई झोपड़ीनुमा घर कटाव की भेंट चढ़ गए। इसके बावजूद खतरा टला नहीं है। आज भी कई मकान कटाव की जद में हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के कई घरों को खाली करा दिया है। लोग घर और सामान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
कटाव की गंभीरता को देखते हुए रात से ही पथ निर्माण मंत्री और स्थानीय विधायक इंजीनियर शैलेंद्र के साथ बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल मौके पर मौजूद हैं। इंजीनियरों की निगरानी में कटावरोधी कार्य दोबारा शुरू कराया गया है। टीम गंगा के कटाव को रोकने और प्रभावित इलाके को बचाने की कोशिश में जुटी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निरीक्षण के बावजूद राघोपुर में तटबंध का बड़ा हिस्सा कैसे ध्वस्त हो गया? पिछले महीने मुख्यमंत्री ने इलाके का निरीक्षण कर हवाई सर्वेक्षण के जरिए स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद भी कटाव नहीं रुक सका और कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए।
हैरानी की बात यह है कि गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद कटाव ने विकराल रूप ले लिया है। इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन घरों को खाली कराने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा पर जोर दे रहा है, जबकि इंजीनियर कटावरोधी उपायों में जुटे हैं। अब देखना है कि तात्कालिक प्रयास कितने कारगर साबित होते हैं और राघोपुर के लोगों को कटाव से स्थायी सुरक्षा कब मिलती है।
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