कुणाल शेखर, ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर, बिहार
राघोपुर में गंगा का कहर, अब 14 नंबर सड़क पर मंडराया कटाव का खतरा
पुरानी रेल लाइन का 125 साल पुराना तटबंध टूटा, कई घर गंगा में समाए; बचाव कार्य पर उठे सवाल
भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मार्जिनल बांध और पुरानी रेल लाइन के तटबंध को तोड़ने के बाद अब गंगा की तेज धारा ने हजारों लोगों के आवागमन के प्रमुख रास्ते 14 नंबर सड़क पर दबाव बढ़ा दिया है। सड़क के कई हिस्सों में दरारें पड़ने से इसके भी ध्वस्त होने की आशंका गहराने लगी है। यदि सड़क टूटती है तो इलाके के लोगों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पिछले दिनों ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मार्जिनल बांध का करीब 300 से 400 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। इसके बाद गंगा ने पुरानी रेल लाइन के तटबंध पर दबाव बनाया। तटबंध को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर जगह-जगह बालू भरी बोरियां डालने का दावा किया गया, लेकिन शुक्रवार को करीब 125 साल पुराना रेल लाइन तटबंध भी टूट गया। कई घर गंगा में समा गए, जबकि कई अन्य घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
14 नंबर सड़क लत्तीपुर से विक्रमशिला पहुंच पथ को जोड़ती है। इससे आगे गंगा घाट जाने वाली सड़क पहले ही ध्वस्त हो चुकी है। जल संसाधन विभाग बालू भरी बोरियां डालकर 14 नंबर सड़क को बचाने में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों में अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने कहा कि गंगा का रौद्र रूप है, लेकिन सरकार बचाव कार्य करा रही है। अब किसी सड़क पर दबाव नहीं पड़ेगा और 14 नंबर सड़क को बचा लिया जाएगा।
वहीं, कांग्रेस नेता और भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने तटबंध टूटने पर सरकार को घेरते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने का तटबंध टूट गया। उन्होंने क्षेत्र के विधायक व पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र और ऊर्जा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने बचाव कार्य में करोड़ों रुपये की कथित लूट का आरोप भी लगाया।
बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से 2025 में वीआईपी प्रत्याशी रहीं अपर्णा कुमारी ने कहा कि पहले बांध टूटा, घर गंगा में समा गए और अब 14 नंबर सड़क पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने मंत्री के पूर्व में दिए गए इस्तीफे संबंधी लिखित आश्वासन का हवाला देते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की।
.png)



