सुबोध सिंह, क्राइम रिपोर्टर बांका, बिहार
एक साल से बंद नल-जल योजना, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे 150 परिवार
पहाड़ी तेलगामा के ग्रामीणों ने पीएचईडी के खिलाफ किया प्रदर्शन, जलमीनार में टंकी लगाने और अधूरी पाइपलाइन पूरी करने की मांग
शंभूगंज प्रखंड में पीएचईडी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। गुलनी पंचायत के वार्ड संख्या 10 स्थित पहाड़ी तेलगामा गांव में नल-जल योजना का काम अधूरा रहने से करीब 150 परिवार पिछले एक साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द योजना को चालू कराने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन कर रहे सुमन सिंह, चिंटू कुमार, बबलू सिंह, अमरेश कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में बसे गांव में पहले से ही पेयजल की गंभीर समस्या है। ग्रामीणों की मांग पर करीब एक वर्ष पूर्व पहाड़ के नीचे जलमीनार निर्माण का काम शुरू कराया गया था। जलमीनार का निर्माण पूरा कर दिया गया, लेकिन उसमें अब तक पानी की टंकी नहीं लगाई गई है। दूसरी ओर संवेदक द्वारा गांव में पाइपलाइन भी आधी-अधूरी बिछाकर काम छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना कागजों पर भले ही संचालित दिखाई जा रही हो, लेकिन धरातल पर इसका लाभ किसी भी परिवार को नहीं मिल रहा है। योजना पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के स्थानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। पानी की व्यवस्था करने में महिलाओं और बच्चों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी उन्हें पिछले एक साल से परेशान होना पड़ रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक योजना को चालू कराने की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अविलंब जलमीनार में टंकी लगाकर पाइपलाइन का अधूरा काम पूरा नहीं किया गया और नल-जल योजना शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि पहाड़ी तेलगामा में नल-जल योजना से जुड़ी समस्या की जानकारी विभाग को है। योजना को चालू कराने और ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी है।
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