सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर ,बांका बिहार
स्वरोजगार के लिए सात लाभुकों को अनुदानित दर पर मिली बकरियां
समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत पशुपालन विभाग ने वितरित की तीन-तीन बकरियां, छह अनुसूचित जाति और एक पिछड़ा वर्ग के लाभुक
शंभूगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में पशुपालन विभाग की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत सात लाभुकों को अनुदानित दर पर बकरियां उपलब्ध कराई गईं। योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को तीन-तीन बकरियां दी गईं। इससे लाभुक बकरी पालन के माध्यम से स्वरोजगार शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे।
पशुपालन विभाग के अनुसार योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सात लाभुकों में छह अनुसूचित जाति और एक पिछड़ा वर्ग से हैं। लाभुकों ने योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों की जांच की गई। जांच के दौरान जिन आवेदकों के आवेदन और संबंधित दस्तावेज सही पाए गए, उन्हें योजना के तहत चयनित कर बकरी उपलब्ध कराई गई।
पशु चिकित्सक डॉ. गौतम कुमार ने बताया कि सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को पशुपालन से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है। बकरी पालन कम लागत में शुरू किया जा सकता है और ग्रामीण परिवारों के लिए आय का बेहतर साधन बन सकता है। उन्होंने लाभुकों से बकरियों की उचित देखभाल करने, समय-समय पर टीकाकरण कराने तथा विभाग द्वारा दिए जाने वाले आवश्यक परामर्श का पालन करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लाभुकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जबकि सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। अनुदान मिलने से लाभुकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे आसानी से बकरी पालन का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के अन्य कर्मी भी मौजूद रहे। लाभुकों ने योजना के तहत बकरियां मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे उन्हें रोजगार शुरू करने में काफी मदद मिलेगी।
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