कुणाल शेखर ,ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर ,बिहार
गंगा के बढ़ते जलस्तर से दियारा में बाढ़ का कहर, घर छोड़ने को मजबूर ग्रामीण
एक वक्त का खाना बनाकर दो वक्त गुजार रहे पीड़ित, कई परिवार सत्तू के सहारे; राहत की आस में बाढ़ प्रभावित
भागलपुर जिले से होकर गुजरी गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से शंकरपुर और दिलदारपुर दियारा समेत कई गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ कई गांवों का शहर से संपर्क भी टूट गया है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने घर बचाने के साथ-साथ परिवार के लिए भोजन जुटाने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।
बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर दर्जनों परिवार अपने घरों को छोड़कर बच्चों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। कई परिवार प्लास्टिक के सहारे खुले में किसी तरह जिंदगी गुजार रहे हैं। चारों ओर पानी जमा होने के कारण आवागमन और रोजमर्रा के काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि पानी बढ़ने के बाद भोजन की समस्या सबसे बड़ी हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार एक वक्त का खाना बनाकर उसी से दोनों वक्त गुजारा कर रहे हैं। वहीं जलावन की कमी के कारण कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है। ऐसे परिवार सत्तू खाकर दिन काटने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, हर साल गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ दियारा क्षेत्र में बाढ़ आती है और उन्हें अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ता है। इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, जलावन, प्लास्टिक और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
.png)


