सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
सेवा की राह पर बढ़े हाथ, टीबी मरीजों के लिए संजय चौहान बने संबल
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र में यक्ष्मा मरीजों के उपचार के साथ उनके पोषण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए समाज के बुद्धिजीवियों के हाथ आगे बढ़ने लगे हैं। बुधवार को शंभूगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में निक्षय मित्र अभियान के तहत शिक्षाविद संजय चौहान एवं सत्येंद्र सिंह ने 10 यक्ष्मा मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया। मरीजों के प्रति संजय चौहान की इस पहल की लोगों ने सराहना करते हुए इसे मानव सेवा की प्रेरणादायी मिसाल बताया।
पोषण किट पाने वाले मरीजों में सत्यम कुमार सिंह, निवास कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, सविता कुमारी, साक्षी कुमारी, ललिता देवी, मालती सिंह, कृष्णानंदन कुमार, संदीप कुमार एवं शंतनू कुमार शामिल हैं। किट में छह किलोग्राम चावल के अलावा एक-एक किलोग्राम चना, मूंग, अरहर दाल, सोयाबीन तथा आधा किलोग्राम हार्लिक्स समेत अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री दी गई।
इस अवसर पर शिक्षाविद संजय चौहान ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई दूसरा धर्म नहीं है। यक्ष्मा से पीड़ित मरीजों को बीमारी से लड़ने के लिए नियमित दवा के साथ पौष्टिक आहार और मानसिक संबल की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर जरूरतमंद मरीजों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने संकल्प लिया कि इन मरीजों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक अपनी ओर से पोषण किट उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रखेंगे। उनके इस सेवा भाव की मौके पर मौजूद लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
सत्येंद्र सिंह ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। यक्ष्मा पर्यवेक्षक हिमांशु शेखर ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में करीब 122 यक्ष्मा मरीज हैं। नियमित उपचार से कई मरीज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
अस्पताल प्रभारी डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि यक्ष्मा को पहले राजरोग कहा जाता था, लेकिन अब यह सामान्य और पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर दवा का नियमित सेवन, संतुलित पोषण और आवश्यक परहेज से मरीज जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने यक्ष्मा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। मौके पर डॉ. उमाशंकर सिंह, प्रधान लिपिक आदित्य कुमार, सूरज कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
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