कुणाल शेखर ,ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर ,बिहार
समाहरणालय गेट पर अधिवक्ता को घसीटकर हिरासत में लेने पर नाराजगी
काले कोट में अधिवक्ता को घसीटने का आरोप, जिला विधिक संघ ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
भागलपुर समाहरणालय के मुख्य गेट पर उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब तातारपुर थाना की पुलिस एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर जाने लगी। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास एक मामले में करीब 13 वर्षों से फरार चल रहे थे और तातारपुर पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास न्यायालय गेट के समीप मौजूद हैं। सूचना मिलते ही तातारपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान पुलिस द्वारा अधिवक्ता को कथित रूप से घसीटकर ले जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई।
जिला विधिक संघ के महासचिव अंजनी कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज होने पर पुलिस को संघ को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। इससे संघ भी पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकता था।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को काले कोट में घसीटकर पुलिस अपने साथ ले गई, उससे ऐसा प्रतीत हुआ जैसे किसी अपराधी को पकड़कर ले जाया जा रहा हो। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को ज्यादती बताते हुए नाराजगी जताई और मामले में उचित प्रक्रिया अपनाने की मांग की। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।
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