सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर, बांका (बिहार)
तिलडीहा दुर्गा मंदिर में रिवर फ्रंट निर्माण तेज, लेकिन समानांतर पुल का काम शुरू नहीं; दशहरा में श्रद्धालुओं की बढ़ सकती है परेशानी
पूर्वी बिहार के प्रसिद्ध तांत्रिक शक्ति सिद्ध पीठ तिलडीहा दुर्गा मंदिर से सटी बदुआ नदी के तट पर करीब 14.1 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। हालांकि, निर्माण कार्य के बीच सबसे बड़ी चिंता बदुआ नदी पर प्रस्तावित समानांतर पुल का निर्माण अब तक शुरू नहीं होना है। यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं हुआ तो आगामी शारदीय नवरात्र और विजयादशमी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
बताया जाता है कि रिवर फ्रंट निर्माण की सौगात बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दी गई है। परियोजना के तहत घाटों का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और स्थानीय लोगों में इसे लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है।
तिलडीहा दुर्गा मंदिर पूर्वी बिहार का एक प्रमुख आस्था केंद्र है। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। वहीं सप्तमी से लेकर विजयादशमी तक मां भगवती के दर्शन-पूजन, मुंडन संस्कार, दालिया चढ़ाने तथा पारंपरिक पाठा बलि के लिए बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। इस दौरान मंदिर परिसर और बदुआ नदी पुल पर अत्यधिक भीड़ रहती है।
वर्तमान में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बदुआ नदी पर केवल एक पुल है। नवरात्र के दिनों में इसी पुल से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण जाम और अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कई बार लोगों को घंटों तक पुल पार करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। भीड़ अधिक होने पर सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए पुराने पुल के समानांतर एक नए पुल के निर्माण की योजना तैयार की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके और भीड़ का दबाव कम किया जा सके। लेकिन अब तक इस योजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे स्थानीय लोगों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस वर्ष भी दशहरा से पहले समानांतर पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो रिवर फ्रंट जैसी बड़ी परियोजना का पूरा लाभ श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाएगा। उनका कहना है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सुगम आवागमन भी उतना ही आवश्यक है।हर वर्ष तिलडीहा दुर्गा मंदिर में आयोजित होने वाला नवरात्र मेला और पारंपरिक पाठा बलि का आयोजन जिला प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से बड़ी चुनौती रहता है। ऐसे में एकमात्र पुल पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रशासन की चिंता और बढ़ा सकती है।
स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की है कि रिवर फ्रंट निर्माण के साथ-साथ बदुआ नदी पर प्रस्तावित समानांतर पुल का निर्माण भी शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि इस वर्ष के शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिल सके तथा प्रशासन भी भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से कर सके।
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