Left Post

Type Here to Get Search Results !
Responsive Image
LIVE

अब स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियों पर रहेगी कड़ी निगरानी, अवकाश रजिस्टर अनिवार्य

सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर, बांका (बिहार)

अब स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियों पर रहेगी कड़ी निगरानी, अवकाश रजिस्टर रखना अनिवार्य

बांका जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से बिहार स्वास्थ्य विभाग ने नई अवकाश प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्रखंड अस्पतालों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियों का आधिकारिक रिकॉर्ड रखना अब अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी प्रखंड स्तरीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को प्रत्येक माह स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट में आकस्मिक अवकाश (सीएल), विशेष अवकाश (एसएल), सामान्य अवकाश (एनएल) सहित सभी स्वीकृत अवकाशों का विवरण निर्धारित प्रारूप में दर्ज किया जाएगा।

नई व्यवस्था के अनुसार अब केवल व्हाट्सएप संदेश या मौखिक सूचना के आधार पर छुट्टी मान्य नहीं होगी। प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी की छुट्टी का विधिवत रिकॉर्ड अवकाश रजिस्टर में दर्ज करना होगा, जिसे निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा।

विभागीय समीक्षा में यह सामने आया था कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ कई कर्मियों के अवकाश पर चले जाने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। इसका असर नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और विभिन्न जनस्वास्थ्य अभियानों पर पड़ रहा था।

स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से एएनएम एवं फील्ड स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति से पंचायत स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसी कारण अवकाश व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाया गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्वास्थ्य संस्थान में अवकाश रजिस्टर सही ढंग से संधारित नहीं पाया गया तो संबंधित प्रभारी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर इलाज, टीकाकरण और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध कराना है।



Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Design by - Blogger Templates |