सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
NQAS में नंबर वन बनने पर अस्पताल परिवार का सम्मान, मेडल व प्रशस्ति पत्र से बढ़ाया हौसला, बोले प्रभारी– व्यवहार और सेवा से ही आधी बीमारी हो जाए दूर
शंभूगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन में गुणवत्ता के क्षेत्र में नंबर वन का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में सोमवार को अस्पताल परिसर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा एवं स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने अस्पताल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले चिकित्सकों, एएनएम, जीएनएम, सीएचओ, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्ड अटेंडेंट, सफाईकर्मी, एंबुलेंस चालक, सुरक्षा कर्मियों सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान पूरे अस्पताल परिवार में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि एनक्यूएएस की यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि अस्पताल परिवार के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, समर्पण और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार मेहनत की, जिसका परिणाम आज पूरे अस्पताल को मिला है। उन्होंने सम्मानित सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने कहा कि अस्पताल की यह सफलता पूरी टीम की एकजुटता, अनुशासन और सेवा भावना का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि एनक्यूएएस मूल्यांकन के दौरान स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण, मरीजों की सुविधा तथा आपातकालीन सेवाओं सहित सभी मानकों पर अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण का सम्मान है।
सम्मान समारोह के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा एवं स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने सभी चिकित्सकों, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि "मरीज की लगभग 50 प्रतिशत बीमारी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के अच्छे व्यवहार, मधुर वाणी और सकारात्मक विचार से ही कम हो जानी चाहिए। यदि मरीज को सम्मान, अपनापन और विश्वास मिलेगा तो उसका इलाज और भी प्रभावी होगा।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की पहचान केवल आधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि वहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार और सेवा भावना से बनती है। सभी कर्मियों से मरीजों को समय पर उपचार, उचित मार्गदर्शन और मानवीय व्यवहार देने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित कर्मचारियों ने मरीजों को बेहतर, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया। अस्पताल प्रशासन ने विश्वास जताया कि पूरी टीम की इसी एकजुटता और सेवा भावना के बल पर शंभूगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भविष्य में भी गुणवत्ता के नए मानक स्थापित करता रहेगा।
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