सुबोध सिंह, क्राइम रिपोर्टर, बांका (बिहार)
मॉडल विद्यालय बनने से ग्रामीण शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित एस.एस.एस. के. प्लस टू उच्च विद्यालय, कुर्माडीह को मॉडल विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रिमोट कंट्रोल के माध्यम से इसका विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही विद्यालय में आधुनिक संसाधनों पर आधारित मॉडल शिक्षा व्यवस्था लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब यहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्मार्ट शिक्षण संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं भी आधुनिक शिक्षा से लाभान्वित हो सकेंगे।
विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. मृणाल शेखर ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है और एनडीए सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मॉडल विद्यालय बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शहरों जैसी सुविधाएं मिलेंगी और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
जिला परिषद सदस्य प्रीतम कुमार साह ने इस उपलब्धि को शंभूगंज के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि मॉडल विद्यालय का दर्जा मिलने से ग्रामीण प्रतिभाओं को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है तथा ऐसे विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेंगे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मॉडल विद्यालय बनने से शिक्षण व्यवस्था में व्यापक बदलाव आएगा। आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सरकार एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर एसएसपीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिवाकर पंजियार, मुखिया प्रदीप सिंह, समाजसेवी रामानुज सिंह, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल बताया।
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