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मनरेगा योजना में कम कार्य पर ज्यादा डिमांड कर राशि की किया निकासी, जांच के घेरे में रोजगार सेवक

सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार 

वैदपुर पंचायत में मनरेगा योजना में कम कार्य ज्यादा का डिमांड कर लाखों की राशि निकासी कर किया बंदरबाट

शंभूगंज प्रखंड के बैदपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि की कथित लूट-खसोट का मामला सामने आने के बाद पंचायत रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है। पंचायत के पूर्व मुखिया एवं जिला जदयू उपाध्यक्ष राजीव रंजन की शिकायत पर जिला स्तर की जांच टीम ने पंचायत पहुंचकर कई योजनाओं की स्थलीय जांच की, जिसमें प्रारंभिक तौर पर कई गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। 

जानकारी के अनुसार शंभूगंज प्रखंड के वैदपुर पंचायत के पूर्व मुखिया राजीव रंजन ने 19 मई को बैदपुर में आयोजित सहयोग शिविर में लिखित आवेदन देकर मनरेगा योजनाओं की जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बेला गांव में श्रवण मांझी के खेत से धर्मवीर के खेत तक डांढ़ खुदाई के लिए योजना संख्या IC/20629005 स्वीकृत की गई थी। इस योजना की प्राक्कलित राशि लगभग 9 लाख 9 हजार रुपये से अधिक थी। 

शिकायत के अनुसार, योजना स्थल पर वास्तविक खुदाई कार्य नगण्य हुआ। मात्र करीब 150 फीट तक घास की कटाई कर उसे डांढ़ खुदाई का रूप दे दिया गया, जबकि मनरेगा पोर्टल पर बड़े पैमाने पर मजदूरों की मांग दिखाकर लगभग 6 लाख 87 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। आरोप है कि पंचायत रोजगार सेवक द्वारा विकास राशि की बंदरबांट कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए कार्यस्थल की तस्वीरों के बजाय घरों में खींची गई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड कर दी गईं। यहां तक कि एक ही मजदूर की तस्वीर का उपयोग कर उपस्थिति दर्ज की गई, जो पूरी प्रक्रिया में फर्जीवाड़े और अनियमितता की ओर इशारा करता है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम का गठन किया। टीम में मनरेगा बांका के कार्यपालक अभियंता नीरज कुमार सहित दो पदाधिकारी शामिल थे। जांच दल ने बैदपुर पंचायत पहुंचकर मनरेगा की कुल पांच योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान कई योजनाओं में कार्य की गुणवत्ता, भुगतान और मापी से संबंधित गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।

हालांकि जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि टीम अपनी रिपोर्ट शीघ्र ही वरीय अधिकारियों को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच पंचायत रोजगार सेवक मुरलीधर यादव की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पूर्व मुखिया राजीव रंजन ने कहा कि विकास योजनाओं में सरकारी राशि की लूट-खसोट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले को दबाने की कोशिश की गई या दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री सहित राज्य के उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। मनरेगा में सामने आए इस कथित घोटाले के बाद पंचायत में चर्चा का माहौल गर्म है और ग्रामीण अब जांच रिपोर्ट के साथ-साथ दोषियों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

वैदपुर पंचायत में मनरेगा योजना में की गई अनियमितता की शिकायत की स्थलीय जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई की जाएगी।

नीरज कुमार , कार्यपालक अभियंता मनरेगा बांका



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