प्रीतम सुमन APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, बांका बिहार
जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल पर सवाल: सर्पदंश पीड़िता बच्ची को किया रेफर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे प्रश्न
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन अमरपुर रेफरल अस्पताल की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार सुबह अमरपुर प्रखंड के कामदेवपुर गांव निवासी राजेश दास की पांच वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी को जहरीले सांप ने डंस लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे इलाज के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सक डॉ. अपूर्व अमन सिंह ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, बच्ची घर के बाहर खेत में खेल रही थी, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उसे काट लिया।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि बांका जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल में यदि सर्पदंश जैसे आपातकालीन मामलों का समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है, तो ग्रामीण मरीजों को हर गंभीर स्थिति में बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय के साथ-साथ मरीजों की जान का जोखिम भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल में सर्पदंश पीड़ितों के लिए आवश्यक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल प्राथमिक उपचार देकर मरीजों को रेफर करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है।
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