सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
छह माह से ध्वस्त पड़ी पुलिया, बिजली के पोल के सहारे जान जोखिम में डाल आवागमन को मजबूर ग्रामीण
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के करसंडी से मेहरपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पुलिया पिछले छह माह से ध्वस्त पड़ी है। पुलिया टूटने के बाद भी अब तक इसके निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली के पोल के सहारे पैदल और बाइक से आवागमन करने को विवश हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया करीब एक दशक पूर्व किसानों की सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीणों की आवाजाही सुगम करने के उद्देश्य से विधायक निधि से बनाई गई थी। समय के साथ पुलिया जर्जर हो गई और करीब छह माह पहले पूरी तरह धराशायी हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया।
आवागमन पूरी तरह बाधित होने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर अस्थायी व्यवस्था करते हुए पुलिया पर बिजली का पोल बिछा दिया। इसी संकरे पोल के सहारे लोग पैदल और बाइक से गुजर रहे हैं। बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो गया है। थोड़ी-सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
इस पुलिया के माध्यम से करसंडी, रायटोला, मंडल टोला, नाहरपुर, मेहरपुर महादलित टोला सहित आसपास के कई गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। यही मार्ग दो पंचायतों के बीच संपर्क का प्रमुख साधन भी है। किसानों को खेतों तक पहुंचने, छात्रों को स्कूल जाने तथा मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में खेती-बाड़ी का कार्य तेज हो जाता है। ऐसे समय में इसी खतरनाक रास्ते से होकर खेतों तक पहुंचना मजबूरी बन गई है। लोगों में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मेहरपुर महादलित टोला के ग्रामीण पंकज दास, प्रमोद दास और शंकर दास समेत अन्य लोगों ने शंभूगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से अविलंब पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। लोगों ने जनप्रतिनिधियों से भी इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है।
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