सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
करसोप एवं कुर्मा पंचायत में लगा सहयोग शिविर, 74 शिकायतों के आवेदन प्राप्त
आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सरकार के निर्देश पर मंगलवार को शंभूगंज प्रखंड के करसोप एवं कुर्मा पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने-अपने काउंटर लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं तथा योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन जमा किए।
शिविर के दौरान करसोप पंचायत में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुल 54 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कुर्मा पंचायत में 20 आवेदन जमा किए गए। इस प्रकार दोनों पंचायतों में कुल 74 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों ने संबंधित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का आश्वासन दिया।
सहयोग शिविर में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपूर्ति, राजस्व, आरटीपीएस, बाल विकास परियोजना एवं अन्य विभागों के काउंटर लगाए गए थे। ग्रामीणों ने पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, भूमि संबंधी मामलों, प्रमाण पत्र निर्गत करने, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।
शिविर के दौरान कई लाभुकों के बीच पेंशन स्वीकृति पत्र, जन्म प्रमाण पत्र एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का भी वितरण किया गया। इससे ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। अधिकारियों ने लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशेष कार्य पदाधिकारी, खेल विभाग पटना के राजन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी नीतीश कुमार, करसोप पंचायत की मुखिया मीना कुमारी, कुर्मा पंचायत के मुखिया प्रदीप कुमार सिंह, आरओ अभय कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा, बीपीआरओ सुरेंद्र कुमार पाल, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भूपेंद्र सिंह, सीडीपीओ मीना कुमारी,
बीसीओ विपिन कुमार, बीटीएम जुलियस मुन्ना, किसान सलाहकार शिवशंकर सिंह, डीईओ नवीन कुमार, अजीत कुमार, संग्राम कुमार तथा आरटीपीएस आईटी सहायक राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को पंचायत स्तर पर सुनकर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों की भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम सफल रहा।
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