सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
₹20 हजार घूस लेते रजौन के विद्युत एसडीओ गिरफ्तार, आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच की उठी मांग
बांका जिले के रजौन प्रखंड स्थित विद्युत कार्यालय में सोमवार को निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के एसडीओ विजेंद्र कुमार को ₹20 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले के विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, धोरैया प्रखंड निवासी मनोज कुमार यादव के घर में घरेलू बिजली कनेक्शन था। उनके घर परिसर में एक दुकान भी संचालित हो रही थी, जिसमें बिजली का उपयोग किया जा रहा था।
इसी आधार पर एसडीओ ने उन्हें कमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने की बात कही। आरोप है कि कार्रवाई से बचाने के नाम पर पहले ₹2 लाख की मांग की गई। बाद में बातचीत के दौरान मामला ₹20 हजार पर तय हुआ।
मनोज कुमार यादव ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और सोमवार को रजौन विद्युत कार्यालय में एसडीओ विजेंद्र कुमार को ₹20 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल के दिनों में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान कई उपभोक्ताओं से भारी जुर्माने का भय दिखाकर अवैध वसूली की जा रही है। आरोप यह भी है कि जो लोग पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उनके खिलाफ अधिक जुर्माना लगाकर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। कई प्रभावित परिवारों को जुर्माना भरने के लिए जेवरात बेचने और जमीन गिरवी रखने तक की नौबत आने की चर्चा है।
सूत्रों के मुताबिक, जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुछ बिचौलिए भी सक्रिय हैं, जो बिजली चोरी की सूचना देने से लेकर पकड़े गए उपभोक्ताओं के मामलों को समझौते के जरिए निपटाने तक की भूमिका निभाते हैं। इससे पूरे तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, जदयू के बांका जिला अध्यक्ष अमरेंद्र पटेल और जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने दावा किया है कि उन्हें कई प्रखंडों के कनीय अभियंताओं के खिलाफ अवैध वसूली और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को और मुख्यमंत्री को आवेदन देकर जिले के चार विद्युत अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की जाएगी। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे जिले में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।
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