सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
ऑनलाइन दवा बिक्री व नई नीति के विरोध में शंभूगंज में मेडिकल दुकानें बंद, दवा कारोबारियों का प्रदर्शन
ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और नई दवा नीति के विरोध में बुधवार को शंभूगंज, मिर्जापुर और कसबा बाजार के दवा कारोबारियों ने 24 घंटे की हड़ताल कर अपनी दुकानें बंद रखीं। हड़ताल के कारण क्षेत्र की करीब सैकड़ों मेडिकल दुकानें एवं दवा एजेंसियां बंद रहीं, जिससे दवा खरीदने पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शंभूगंज बाजार में दवा कारोबारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कारोबारियों का कहना था कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे एवं मध्यम स्तर के मेडिकल दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे स्थानीय दवा दुकानों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दवा कारोबारियों ने कहा कि बिना पर्याप्त निगरानी के ऑनलाइन माध्यम से दवाइयों की बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। कई बार बिना डॉक्टर की सलाह और उचित जांच के दवाएं लोगों तक पहुंच जाती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
प्रदर्शन कर रहे कारोबारियों ने सरकार से अवैध ई-फार्मेसी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा नई दवा नीति को वापस लेने की मांग की। दुकानदारों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दवा कारोबारियों ने बताया कि एआईओसीडी एवं बीसीडीए पटना के निर्देश पर यह हड़ताल की गई है। जरूरत पड़ने पर आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रात या आपात स्थिति में लोगों की मदद स्थानीय मेडिकल दुकानदार ही करते हैं, जबकि ऑनलाइन सेवाएं तत्काल सहायता उपलब्ध नहीं करा पातीं।
कारोबारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि छोटे दवा दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पूरे दिन बाजार में अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहने से हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला।
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