प्रीतम सुमन APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, बांका बिहार
थाली में अंडा नहीं आया, बच्चों का गुस्सा उफान पर छायामध्याह्न भोजन का छात्रों ने किया बहिष्कार, गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
बांका जिले के अमरपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित आदर्श मध्य विद्यालय (बालक) में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मध्याह्न भोजन में छात्रों को अंडा नहीं दिया गया। नाराज छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और भोजन खाने से साफ इंकार कर दिया। बच्चों का आरोप था कि पिछले कई सप्ताह से उन्हें मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है और भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।
बाल संसद एवं मीना मंच से जुड़े छात्र-छात्राओं अंश कुमार, सोनाक्षी कुमारी, छोटी कुमारी, हर्ष कुमार, रागनी कुमारी, मनीषा कुमारी, रेखा कुमारी, अराध्या कुमारी, सुनैना कुमारी, निशू कुमारी तथा गुंजा कुमारी ने बताया कि पहले विद्यालय में ही रसोइयों द्वारा भोजन तैयार किया जाता था। उस समय भोजन स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण होता था तथा मीनू के अनुसार हर शुक्रवार को अंडा भी दिया जाता था। लेकिन जब से मध्याह्न भोजन संचालन की जिम्मेदारी सुंदर अमरशील स्वयंसेवी संस्था को सौंपी गई है, तब से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार भोजन में कीड़े निकलते हैं और खाने की गुणवत्ता इतनी खराब रहती है कि बच्चे भोजन छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। उनका कहना था कि पिछले सात सप्ताह से शुक्रवार को मिलने वाला अंडा पूरी तरह गायब है और उसकी जगह एक-एक घटिया किस्म का केला दिया जा रहा है। वहीं अन्य विद्यालयों में अब भी बच्चों को अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है।
आक्रोशित छात्रों ने बताया कि इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार साह और विद्यालय प्रशासन को पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बच्चों ने मांग की कि एनजीओ के माध्यम से भोजन वितरण बंद कर पुनः विद्यालय में ही भोजन बनवाया जाए।
सूचना मिलने पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद संजीव कुमार साह विद्यालय पहुंचे और बच्चों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं। उन्होंने मामले से जिला पदाधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया। वहीं एनजीओ सहायक रंजीत सिंह ने छात्रों के बीच बैठकर भोजन कर गुणवत्ता जांचने का प्रयास किया। एमडीएम प्रभारी सुभाषचंद्र पंडित ने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।
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