Left Post

Type Here to Get Search Results !
Responsive Image
LIVE

ब्रेकिंग न्यूज : चांदन की धार में धंसती विरासत, करोड़ों की लागत से बना रिंग बांध ध्वस्त, पौरातत्विक स्थल संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

प्रीतम सुमन APP न्यूज ,ब्यूरो रिपोर्ट, बांका बिहार

इतिहास की सांसें थमने लगीं, चांदन की धार में धंसती विरासत


करोड़ों की लागत से बना रिंग बांध ध्वस्त, पौरातत्विक स्थल संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के भदरिया गांव स्थित चांदन नदी के बीचों-बीच करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित रिंग बांध अब धीरे-धीरे ध्वस्त होने लगा है। तारडीह पुल के समीप कई स्थानों पर बांध टूट जाने से एक बार फिर चांदन नदी के गर्भ में छिपे ऐतिहासिक एवं पौरातत्विक अवशेषों के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने अवैध बालू उठाव और विभागीय लापरवाही को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया है।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2020 में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान घाट सफाई के समय चांदन नदी के भीतर मोटी एवं प्राचीन ईंटों से बनी दीवार दिखाई दी थी। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि नदी के गर्भ में कोई प्राचीन सभ्यता या ऐतिहासिक अवशेष दबे हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री जयंत राज कुशवाहा की पहल पर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 12 दिसंबर 2020 को भदरिया गांव पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया था। प्रारंभिक जांच में विशेषज्ञों एवं पुरातत्व विभाग की टीम ने यहां करीब 2600 वर्ष पुराने बौद्धकालीन अवशेष होने की संभावना जताई थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग द्वारा नदी की धारा मोड़ने और स्थल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से रिंग बांध का निर्माण कराया गया था। इसके बाद बिहार विरासत विकास समिति एवं पुरातत्व विभाग की टीम ने खुदाई कार्य शुरू किया था। खुदाई के दौरान प्राचीन ईंटें, मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, पत्थर तथा अन्य ऐतिहासिक अवशेष मिलने की बात सामने आई थी।

हालांकि समय बीतने के साथ खुदाई कार्य बंद हो गया। पौरातत्विक स्थल का लगाया गया सूचना बोर्ड भी असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़ दिया गया। अब रिंग बांध के टूटने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई और अवैध बालू उठाव पर रोक नहीं लगी, तो चांदन नदी के गर्भ में छिपा महत्वपूर्ण इतिहास हमेशा के लिए मिट सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से अविलंब रिंग बांध की मरम्मत, स्थल की सुरक्षा तथा बंद पड़ी खुदाई कार्य को पुनः शुरू कराने की मांग की है।



Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Design by - Blogger Templates |