सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर ,बांका बिहार
नल-जल ठप, सड़क पर उतरे ग्रामीण: भूमिहारा में सरकार व विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
शंभूगंज प्रखंड के परमानंदपुर पंचायत स्थित भूमिहारा गांव के वार्ड संख्या-9 में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से नल-जल योजना बंद रहने से ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार गुरुवार को फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया तथा शीघ्र पेयजलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नल-जल योजना अब सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना शंभूगंज प्रखंड के 19 पंचायतों के कई गांवों में धरातल पर सही तरीके से संचालित नहीं हो रही है। भूमिहारा गांव के वार्ड संख्या-9 में पिछले एक साल से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कई बार विभाग, प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीण विजय चौधरी, पप्पू चौधरी, बबलू राम, डोमी मांझी, रूपा देवी, राधा रानी, सुगनी देवी, झमिया देवी और राधा देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि कभी बिजली की समस्या, कभी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने तथा कभी स्मार्ट मीटर का रिचार्ज खत्म होने के कारण जलापूर्ति बाधित रहती है। लेकिन अब स्थिति यह हो गई है कि एक वर्ष से अधिक समय से योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। गांव का जलमीनार सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव में मात्र एक सरकारी चापानल है, जिससे दर्जनों परिवार पानी भरकर किसी तरह काम चला रहे हैं। घरेलू चापानल भी पानी छोड़ने लगे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है। पेयजल संकट का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है।
मौके पर पहुंचे जिला परिषद सदस्य प्रीतम कुमार साह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा जल्द पेयजलापूर्ति बहाल कराने का भरोसा दिया। वहीं पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर शीघ्र जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को नल-जल योजना का लाभ मिल सके।
.png)




