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जेठौर के विकास के लिए कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

     प्रीतम सुमन APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, अमरपुर 

सुप्रसिद्ध ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर के विकास के लिए विभागीय अधिकारियों ने पहल तेज

बांका जिले के अमरपुर के सुप्रसिद्ध ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर के विकास के लिए विभागीय अधिकारियों ने पहल तेज कर दी है। अमरपुर के विधायक सह पूर्व मंत्री जयंत राज के प्रयास से कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग इस मंदिर के विकास की रूपरेखा तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।‌ 

गुरुवार को बांका के कला संस्कृति विभाग के पदाधिकारी शंभू पटेल, आर्किटेक्ट माधव भारद्वाज, पर्यटन विभाग के कनीय अभियंता रितेश कुमार, पियूष सिंह आदि अमरपुर बीडीओ प्रतीक राज के साथ ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष दुर्गा कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सूर्यदेव सिंह, संरक्षक बंटी सिंह,  अंशुमान सिंह, अवधेश सिंह, आत्मदेव सिंह आदि ने उन्हें बताया कि यह मंदिर सदियों पुराना है। आक्रांताओं ने मंदिर को काफी नुकसान पहुंचाया था, मंदिर की मूर्तियां तोड़ कर उसे चांदन नदी में फेंक दिया था। 

        अमरपुर का सुप्रसिद्ध ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर 

कई खंडित मूर्तियां नदी में मिलीं हैं जिन्हें मंदिर में रखा गया है। अधिकारियों को जानकारी दी गई कि इस मंदिर में एकमुखी शिवलिंग भी है जो उत्तर भारत में बहुत कम पाया जाता है। चांदन नदी के किनारे बने इस शिव मन्दिर की प्राकृतिक छटा भी काफी निराली है। मंदिर के पूर्व दिशा में चांदन नदी के बीचोंबीच दानवीर कर्ण की चिता भूमि है तो पश्चिम में पहाड़ी पर दक्षिणेश्वर काली का प्रसिद्ध मंदिर है। 

ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर का अवलोकन करते अधिकारी 

अधिकारियों ने कहा कि मंदिर के विकास के लिए पहल शुरू कर दी गई है। बीडीओ ने मंदिर के जमीन के संबंध में समिति के सदस्यों से जानकारी ली। इधर स्थानीय विधायक जयंत राज ने कहा कि ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर के विकास के लिए वह प्रयास कर रहे हैं तथा जल्द ही यह एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो जाएगा।





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