सूरज कुमार APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
बहुमत साबित: सम्राट चौधरी सरकार ने बिना वोटिंग के जीता विश्वास मत
बिहार की सियासत में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। खास बात यह रही कि शक्ति परीक्षण के दौरान किसी प्रकार की वोटिंग की नौबत नहीं आई और सरकार ने ध्वनिमत से ही विश्वास मत हासिल कर लिया।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष ने अपनी संख्या बल का दावा पेश किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा, जिस पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा, लेकिन अंततः शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया ध्वनिमत से ही पूरी हो गई।
स्पीकर ने जब प्रस्ताव को सदन के सामने रखा, तो “हाँ” के पक्ष में जोरदार आवाजें गूंजीं। विपक्ष की ओर से स्पष्ट विरोध दर्ज नहीं होने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और प्रस्ताव पारित मान लिया गया। इस तरह सम्राट चौधरी सरकार ने आसानी से अपना बहुमत साबित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की और कहा कि जनता ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिना वोटिंग के बहुमत साबित होना सरकार के लिए राहत भरा संकेत है। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि सत्तारूढ़ गठबंधन में फिलहाल कोई बड़ी टूट नहीं है। वहीं, विपक्ष की रणनीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि वह इस अहम मौके पर सरकार को घेरने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया। कुल मिलाकर, विधानसभा में हुए इस शक्ति परीक्षण ने बिहार की राजनीति को फिलहाल स्थिरता का संदेश दिया है।
.png)




