कुणाल शेखर APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, भागलपुर
फर्जी शपथ पत्र कांड का भंडाफोड़: 90 दिन की जांच के बाद पुलिस ने खोला संगठित गिरोह का राज
भागलपुर जिले में चर्चित फर्जी शपथ पत्र कांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह की परतें उजागर कर दी हैं। करीब 90 दिनों तक चली गहन एवं तकनीकी जांच के बाद जगदीशपुर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अहम सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध लाभ पहुंचाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चल रही इस जांच का नेतृत्व एसआई विकास कुमार कर रहे थे। बुधवार की शाम पुलिस टीम ने तातारपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर स्वर्गीय मोहम्मद इस्लाम के पुत्र मो. सैफुल इस्लाम उर्फ बिक्की को एक प्रिंटिंग दुकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जगदीशपुर थाना लाकर गहन पूछताछ की गई। मेडिकल जांच के उपरांत उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया, हालांकि बाद में कोर्ट से उसे बंधपत्र पर रिहाई मिल गई।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फर्जी नामांतरण प्रकरण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद रेंज आईजी और एसएसपी ने खुद इस केस की मॉनिटरिंग शुरू कर दी थी, जबकि जांच की जिम्मेदारी सिटी एसपी को सौंपी गई थी।
गौरतलब है कि 4 जनवरी को सदर एसडीओ के आदेश पर जगदीशपुर अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीडीआर, सर्वर डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। मुख्य आरोपी की मृत्यु के बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता पाई।
फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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