सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
फर्जी प्रमाण पत्र पर 20 साल से नौकरी कर रहा शिक्षक गिरफ्तार, निगरानी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप
बांका जिले के सुईया थाना क्षेत्र में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर लंबे समय से नौकरी कर रहे एक शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान दक्षिणी कसवावसिला पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय डूमरडीहा में कार्यरत भागीरथ कुमार साह के रूप में हुई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक पिछले लगभग 20 वर्षों से फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी कर रहा था। मामला सामने आने के बाद पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर निगरानी विभाग ने जांच तेज कर दी थी। इसी क्रम में पुलिस निरीक्षक लाल मोहम्मद के नेतृत्व में शनिवार और रविवार को लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया। अंततः रविवार की देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जाता है कि उच्च न्यायालय ने पूर्व में संदिग्ध शिक्षकों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का अवसर दिया था, लेकिन कई लोगों ने इस निर्देश को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद निगरानी विभाग ने दस्तावेजों की सघन जांच शुरू की, जिसमें भागीरथ कुमार साह के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से जाली दस्तावेज तैयार कर नौकरी हासिल की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कटोरिया प्रखंड सहित आसपास के इलाकों से कई फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सुईया थानाध्यक्ष कन्हैया झा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजते हुए बांका कोर्ट में पेश किया गया है। आरोपी बेलहर प्रखंड के रंगा गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पिछले एक दशक में बांका जिले में एक दर्जन से अधिक फर्जी शिक्षकों का खुलासा हो चुका है। इसके बावजूद अभी भी कई ऐसे शिक्षकों के कार्यरत होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्होंने फर्जी शैक्षणिक, जाति, आवासीय और ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की है।
निगरानी विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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