सुरज कुमार APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
जेडीयू में बड़ा झटका: केसी त्यागी का इस्तीफा, वैचारिक मतभेद बने वजह ![]()
पटना : जनता दल (यूनाइटेड) की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी केसी त्यागी ने 17 मार्च 2026 को अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। त्यागी ने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराने का फैसला लिया, जिससे जेडीयू के साथ उनका लगभग पांच दशक पुराना औपचारिक रिश्ता समाप्त हो गया।
केसी त्यागी का यह कदम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से जेडीयू के वैचारिक और राजनीतिक स्तंभ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनका संबंध करीब 50 वर्षों पुराना है, जिसकी शुरुआत जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के दौर से हुई थी। त्यागी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान हमेशा “अटल” रहेगा और निजी रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आएगा।
हालांकि त्यागी ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी एक ठोस कारण का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वक्फ संशोधन विधेयक और जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर उनके विचार पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग थे। इसके अलावा हाल के दिनों में उनके कुछ व्यक्तिगत बयानों, विशेषकर नीतीश कुमार को ‘भारत रत्न’ देने की मांग, से भी पार्टी ने दूरी बना ली थी, जिससे अंदरूनी मतभेद उजागर हुए।
एक साक्षात्कार में त्यागी ने संकेत दिया कि वर्तमान जेडीयू में उनके लिए वैचारिक रूप से पर्याप्त स्थान नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि वे अब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पहले जैसी सहजता से जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रहे हैं। यह बयान पार्टी के भीतर बढ़ते वैचारिक अंतर को दर्शाता है।
इस्तीफे के बाद अब सभी की नजरें त्यागी की अगली राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं। उन्होंने 22 मार्च 2026 को दिल्ली के मावलंकर हॉल में अपने समर्थकों और समान विचारधारा वाले नेताओं की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में वे अपने भविष्य की राजनीतिक दिशा और नई भूमिका को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
त्यागी के इस कदम ने बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं।





