सुबोध सिंह/ प्रीतम सुमन APP न्यूज ,बांका बिहार
बांका जिले के शंभूगंज और अमरपुर प्रखंडों में शुक्रवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर खुलकर सामने आया। पिछले आठ माह से प्रोत्साहन राशि और पारितोषिक राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने दोनों प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन कर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शंभूगंज प्रखंड में शंभू-वंशी एटीसी गेट के समीप आयोजित धरने का नेतृत्व रंजना देवी और साहिल देवी ने किया।
इस दौरान 19 पंचायतों से आई तीन दर्जन से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद किया। प्रदर्शन में सुनीता कुमारी, सीमा कुमारी, रेखा कुमारी, विनीता कुमारी, रूबी देवी, सुमन कुमारी, माया कुमारी, पूजा कुमारी, अनिता कुमारी, रश्मि कुमारी, हंसकला कुमारी और ज्योति देवी सहित कई अन्य शामिल रहीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं, बावजूद इसके आठ महीनों से भुगतान नहीं होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
वहीं अमरपुर प्रखंड के रेफरल अस्पताल परिसर में बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलेटर संघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया। यहां आशा फैसिलेटर उषा देवी, वंदना कुमारी, शांति देवी, पुष्पा कुमारी, सुप्रिया कुमारी, बेला कुमारी, गौरी देवी, सोनी कुमारी, मंजु कुमारी और अमृता कुमारी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि वे दिन-रात मेहनत कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कुछ कार्यकर्ताओं के खाते में आंशिक भुगतान किया गया है, जो नाकाफी है।
दोनों प्रखंडों में प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने विभागीय अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन के उपरांत कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा को ज्ञापन सौंपकर अविलंब लंबित राशि के भुगतान की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो 1 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
इस संबंध में डॉ. अजय शर्मा ने आश्वासन दिया कि मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।




