सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर बांका बिहार
दुल्हा के साथ दोस्तों ने कर दिया कांड,आक्रोशित ग्रामीणो ने दूल्हा व बारातियों को बनाया बंधक, रात भर चला हाई वोल्टेज ड्रामा, सुबह समझौते के बाद हुई शादी
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के कमड्डी गांव में गुरुवार की रात एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब वरमाला से ठीक पहले सेहरा बांधे दूल्हा ने अजीबोगरीब हरकत करने लगा। दूल्हे की इस हालत को देखकर दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हा समेत कई बारातियों को बंधक बना लिया। रात भर चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद शुक्रवार की सुबह दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद विधि-विधान से शादी संपन्न कराई गई और दुल्हन को विदा किया गया।
जानकारी के अनुसार शंभूगंज थाना क्षेत्र के कमड्डी गांव निवासी प्रभास कुमार सिंह की पुत्री स्वीटी कुमारी की शादी भागलपुर जिले के बाथ गांव निवासी राजेश कुमार रंजन के पुत्र सौरभ कुमार रंजन के साथ तय हुई थी। शादी को लेकर लड़की पक्ष की ओर से भव्य तैयारी की गई थी। बारात के स्वागत के लिए पूरे गांव में सजावट की गई थी और मेहमानों के लिए भोज भंडारे की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
गुरुवार की शाम ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ बारात कमड्डी गांव पहुंची। रथ पर सवार होकर सेहरा बांधे दूल्हा सौरभ कुमार रंजन भी बारात के साथ वहां पहुंचा। शुरुआती रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं और समधी मिलन की परंपरा भी पूरी हो चुकी थी। इसी बीच दूल्हे के कुछ दोस्तों ने कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। बताया जाता है कि दूल्हा लड़खड़ाने लगा और अजीबोगरीब हरकतें करने लगा।
उधर वरमाला की रस्म के लिए मंच पर दुल्हन और उसके परिजन दूल्हे का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें दूल्हे की स्थिति के बारे में जानकारी मिली तो दुल्हन ने साफ तौर पर शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले के बाद समारोह स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और बारातियों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना से आक्रोशित लड़की पक्ष के लोगों और ग्रामीणों ने मिलकर दूल्हा, उसके परिजनों तथा कई बारातियों को बंधक बना लिया। लड़की पक्ष के परिजनों का कहना था कि शादी की तैयारी में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं और जब तक लड़का पक्ष इस खर्च की भरपाई नहीं करेगा, तब तक बारातियों को नहीं छोड़ा जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच देर रात तक तीखी नोकझोंक और बहस होती रही। पूरी रात गांव में तनाव का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा होकर घटनाक्रम देखते रहे। बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह दूल्हे की हालत सामान्य हो गई और वह पूरी तरह होश में आ गया। जिसके बाद दुल्हे ने सच्चाई बताया तो सभी दंग रह गए।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच करीब चार घंटे तक पंचायत और बातचीत चली। अंततः आपसी सहमति बनने के बाद शादी कराने पर समझौता हुआ।समझौते के बाद शुक्रवार को विधि-विधान के साथ दोनों की शादी संपन्न कराई गई और दुल्हन को दूल्हे के साथ विदा कर दिया गया। हालांकि यह अनोखी घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।







