सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर बांका ,बिहार
सादगी और कर्मठता के प्रतीक पूर्व मुखिया अनिरुद्ध मंडल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के करसोप पंचायत के पूर्व मुखिया अनिरुद्ध मंडल का शनिवार की देर रात निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार की सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
अनिरुद्ध मंडल वर्ष 2006 से 2011 तक करसोप पंचायत के मुखिया पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायत के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की थी। सड़क, नाली, पेयजल और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने लगातार प्रयास किया, जिसके कारण पंचायत में कई विकास कार्य संभव हो सके। उनके कार्यों के कारण करसोप पंचायत में उनकी एक अलग पहचान बन गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि अनिरुद्ध मंडल का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण था। पद पर रहते हुए भी उन्होंने हमेशा आम लोगों से सीधे संवाद बनाए रखा और हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। उनकी कर्मठता और सहज व्यवहार के कारण वे क्षेत्र के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। पंचायत के विकास और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को लोग आज भी याद करते हैं।
उनके निधन से करसोप पंचायत ने एक अनुभवी और समाजसेवी व्यक्तित्व को खो दिया है। पंचायत के वर्तमान मुखिया मीना कुमारी, पूर्व मुखिया सुषमा भारती, प्रखंड 20 सूत्री सदस्य संजीव बिंद, प्रखंड जदयू अध्यक्ष बी.एल. गांधी, जदयू नेता दिनेश मंडल तथा युवा जदयू प्रखंड अध्यक्ष इंद्रजीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की है। ग्रामीणों ने कहा कि अनिरुद्ध मंडल की सादगी, सेवा भावना और कर्मठता हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।




