सुरज कुमार APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना ,बिहार
दिल्ली–हावड़ा रेल कॉरिडोर को हाई-कैपेसिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम, रेल मंत्री से सांसद अरुण भारती की मुलाकात
जमुई लोकसभा क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत सांसद ने आज केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान दिल्ली–हावड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित झाझा–जमुई बेल्ट को एक हाई-कैपेसिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की व्यापक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सांसद ने क्षेत्र की बढ़ती यात्री और माल ढुलाई जरूरतों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह बेल्ट बिहार और झारखंड के बीच एक रणनीतिक संपर्क बिंदु है, जहां से रोज़ाना हजारों यात्री और बड़ी मात्रा में माल का आवागमन होता है। ऐसे में लाइनों की क्षमता बढ़ाना और नए बाईपास व ठहराव बिंदु विकसित करना समय की मांग है।
सांसद द्वारा प्रमुख रूप से जिन परियोजनाओं को उठाया गया, उनमें झाझा–बटिया नई लाइन (20 किमी), बैजनाथपुर–अंडोली एवं झाझा के बीच बाईपास लाइन (5 किमी), सीतारामपुर–झाझा चौथी लाइन, और सीतारामपुर–किउल (झाझा के रास्ते) तीसरी लाइन शामिल हैं। इसके साथ ही बरियारपुर–मननपुर (68 किमी) तथा नवादा–लक्ष्मीपुर (137 किमी) रेल परियोजनाओं को भी क्षेत्रीय विकास के लिए अहम बताया गया।
यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सांसद ने कटौना हाल्ट पर DMU/EMU ट्रेनों के ठहराव, चौरा हाल्ट पर यात्री ट्रेनों के ठहराव, और आधुनिक वंदे भारत एवं अमृत भारत ट्रेनों का जमुई व झाझा स्टेशनों पर स्टॉपेज देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आम यात्रियों को तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और विभागीय स्तर पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और क्षमता-संपन्न बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर उन रूटों पर जहां यात्री और माल यातायात का दबाव अधिक है।
इस पहल से जमुई संसदीय क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों को गति और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी इस मुलाकात को क्षेत्र के लिए “रेल विकास की नई शुरुआत” करार दिया है।





