सुरज कुमार APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
सात निश्चय-3 के तहत सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय, जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य के तहत एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर और सुलभ अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें दूर-दराज के शहरों में पढ़ाई के लिए भटकना न पड़े।
वर्तमान में राज्य के कुल 534 प्रखंडों में से 213 प्रखंड ऐसे हैं, जहां कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं है। इस गंभीर शैक्षणिक असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार ने प्रथम चरण में इन सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह भी लक्ष्य सौंपा गया है कि इन कॉलेजों में जुलाई 2026 तक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर दी जाए।
इसके साथ ही, राज्य के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत कुल 55 शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है, जिनके उन्नयन के लिए योजनाबद्ध और चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है। इन संस्थानों के अनुभवी शिक्षकों और पूर्व छात्र-छात्राओं से विमर्श कर उनके सुझावों के आधार पर शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत संरचना और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में सुधार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेज खुलने से उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। वहीं, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित संस्थान युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करेंगे और राज्य की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाई देंगे। इस पहल से राज्य के समग्र और चहुंमुखी विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



