Left Post

Type Here to Get Search Results !
Responsive Image
LIVE

मौत का सौदा, अमरपुर में अवैध नर्सिंग होम पर छापा, चार कमरे सील, एक्सपायरी दवा भी मिला

       प्रीतम सुमन APP न्यूज नेटवर्क ,बांका बिहार 

मौत का सौदा,  अमरपुर में अवैध नर्सिंग होम पर छापा, एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिला — चार कमरे सील, नवजात की मौत से मचा हड़कंप

बांका जिला पदाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को अमरपुर शहर में अवैध जांच घर एवं नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पुरानी चौक स्थित निरंजन मेडिकल हॉल में संचालित एक अवैध नर्सिंग होम को सील कर दिया। छापामारी के दौरान नर्सिंग होम से भारी मात्रा में विभिन्न कंपनियों की एक्सपायरी दवाएं बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, सिविल सर्जन द्वारा गठित जांच टीम जब शहर में अवैध जांच केंद्रों की जांच करते हुए निरंजन मेडिकल हॉल स्थित नर्सिंग होम पहुंची तो मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। बाहर एक महिला रोती-बिलखती मिली, जिसने जांच टीम को बताया कि उसकी भाभी को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता द्वारा सुरक्षित प्रसव के नाम पर यहां भर्ती कराया गया था। पीड़िता रानी देवी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने सुरक्षित प्रसव का आश्वासन देकर 30 हजार रुपये लिए थे। 9 फरवरी की देर रात प्रसव के बाद नवजात को भागलपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम के सदस्य बांका सदर अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार एवं अमरपुर रेफरल अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी डॉ. दिप्ती सिन्हा ने नर्सिंग होम संचालक एवं डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी के मोबाइल बंद मिले। इसके बाद पुलिस की मदद से टीम ने पिछला दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया और विस्तृत जांच की। जांच में दो कमरों से भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं बरामद हुईं।

छापामारी के दौरान पूर्व से भर्ती चार प्रसूताओं — कटोरिया गांव की बीबी स्वीटी, चकसिया गांव की प्रीती देवी, गोविंदपुर की मनीषा कुमारी तथा भागलपुर के माछीपुर गांव की आंचल कुमारी — को सुरक्षित प्रसव के लिए एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल भेजा गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी गौतम कुमार की मौजूदगी में नर्सिंग होम के चार कमरों को सील कर दिया गया।

नर्सिंग होम में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम और केबिन लगे थे, लेकिन मौके पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि नर्सिंग होम का लाइसेंस और डॉक्टरों के प्रमाणपत्र की जांच कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी जाएगी। वहीं, एक मरीज द्वारा आशा कार्यकर्ता की भूमिका पर सवाल उठाने के बाद इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई के बाद अवैध नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है, जबकि शहर में इस पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जांच टीम में अस्पताल प्रबंधक, स्वास्थ्य कर्मी एवं पुलिस पदाधिकारी भी शामिल थे।



Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Design by - Blogger Templates |