कुणाल शेखर ब्यूरो रिपोर्ट भागलपुर बिहार
फर्जी डीएसपी बनकर कैंसर पीड़िता से 5.60 लाख की ठगी, वारंट के बाद भी फरार
पुलिस विभाग के डाकिया मनोज वर्मा पर नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों से ठगी का आरोप, एसएसपी बोले- जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगी कुर्की-जब्ती
भागलपुर में खुद को डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर कैंसर पीड़िता समेत दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी पुलिस विभाग में डाकिया के पद पर कार्यरत मनोज वर्मा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ बांका के बाद भागलपुर के बाईपास थाने में भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
फोर्थ स्टेज कैंसर से जूझ रही सोनम ने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उससे अलग-अलग माध्यमों से करीब 5 लाख 60 हजार रुपये बैंक खाते में मंगवाए गए। पैसे वापस मांगने पर उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के रिश्तेदारों द्वारा फोन कर केस वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है। इलाज के लिए पैसों की जरूरत के बावजूद वह अपने रुपये वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
इसी मामले में सोनम ने अधिवक्ता राजीव सिंह के माध्यम से भागलपुर सिविल कोर्ट का रुख किया और आईजी कार्यालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
मनोज वर्मा पर कृषि विभाग, एनटीपीसी समेत अन्य जगहों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये लेने के आरोप हैं। इधर एसएसपी प्रमोद यादव ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा चुकी है। कोर्ट से वारंट भी जारी हो चुका है। जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो कुर्की-जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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