सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
खेत में खुले बिजली तार ने ली किसान की जान, विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
कृषि कनेक्शन के बावजूद खेतों तक सुरक्षित बिजली व्यवस्था नहीं, ग्रामीणों ने जर्जर तार-पोल दुरुस्त करने की उठाई मांग
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के पड़रिया गांव में गुरुवार की शाम धान के खेत का पटवन करने के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से 45 वर्षीय किसान दिवाकर मंडल की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं घटना को लेकर ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति जबर्दस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण खेतों में खुले और नीचे लटकते बिजली तार किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इसके बावजूद तारों और पोल की स्थिति सुधारने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
परिजनों के अनुसार दिवाकर मंडल गांव के ही अरुण मंडल की जमीन बंटाई पर लेकर धान की खेती करते थे। गुरुवार शाम वह बिजली मोटर से खेत का पटवन करने बहियार गए थे। इसी दौरान खेत के पास खुले बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह खेत में गिर पड़े। आसपास मौजूद किसानों ने किसी तरह बिजली तार हटाकर उन्हें बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
सूचना पर पुलिस पहुंची। थानाध्यक्ष मु. आसिफ अख्तर ने बताया कि मामले में यूडी केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेजा गया है।
कृषि कनेक्शन के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि किसानों को कृषि कनेक्शन देने के बावजूद खेतों तक सुरक्षित बिजली पहुंचाने के लिए पर्याप्त पोल और सुरक्षित तार की व्यवस्था नहीं की गई है। कई स्थानों पर तार काफी नीचे झूल रहे हैं और खुले पड़े हैं। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों की जान हमेशा खतरे में रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
करंट से मौतों के बाद भी नहीं चेता विभाग
ग्रामीणों के अनुसार शंभूगंज क्षेत्र में बिजली करंट की चपेट में आने से पूर्व में भी कई लोगों की जान जा चुकी है। जगतापुर में दो युवकों, कुन्नथ में पूनम देवी और मिर्जापुर में राजेंद्र साह की करंट लगने से मौत का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद खुले और जर्जर तारों को हटाने में विभाग की कथित उदासीनता जारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल तार-पोल दुरुस्त नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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