सुबोध सिंह, क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
बिजली के इंतजार में सूख रही धान की फसल, खेतों में पड़ी दरारें
सरकारी नलकूप में कनेक्शन नहीं, सिंचाई ठप, आक्रोशित किसानों ने पंप परिसर में किया प्रदर्शन
बारिश की बेरुखी और सरकारी नलकूप (स्टेट ट्यूबवेल) में बिजली कनेक्शन नहीं रहने से जगतापुर गांव के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान की फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन नलकूप तक बिजली नहीं पहुंचने के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। खेतों में नमी खत्म होने लगी है और कई जगहों पर दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में किसानों के सामने तैयार हो रही धान की फसल को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
किसानों ने बताया कि धान की खेती के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। कुछ किसान बिचड़ा तैयार कर रोपनी की तैयारी में जुटे हैं, जबकि जिन किसानों ने बारिश के भरोसे खेतों में धान की रोपनी कर दी है, उनकी फसल अब पानी के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो धान की फसल बर्बाद हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
रविवार को बिजली की समस्या से परेशान दर्जनों किसान सरकारी नलकूप के पंप परिसर में पहुंच गए।
आक्रोशित किसानों ने बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि सरकार की ओर से सिंचाई के लिए स्टेट ट्यूबवेल और पंप तो लगाया गया है, लेकिन उसमें बिजली कनेक्शन नहीं रहने से इसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। पंप परिसर में मशीन मौजूद रहने के बावजूद बिजली के अभाव में सिंचाई का काम नहीं हो पा रहा है।
किसानों ने कहा कि बारिश कम होने के कारण खेतों में नमी तेजी से घट रही है। ऐसे में सरकारी नलकूप से सिंचाई की सुविधा मिल जाती तो किसानों को काफी राहत मिलती। लेकिन बिजली कनेक्शन के अभाव में सरकारी व्यवस्था बेकार साबित हो रही है।
किसानों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल नलकूप तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन में नारायण रजक, राजेश रजक, निवास सिंह, चरित्र दास, नंदकिशोर सिंह, आकाश कुमार सिंह, केशव कुमार, चूल्हों तांती, दिव्यांशु शेखर और सौरभ मंडल समेत दर्जनों किसान मौजूद थे। किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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