सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर बांका, बिहार
सांसद गिरिधारी यादव के तीन ठिकानों पर छापेमारी, कार्रवाई को लेकर गरमाई सियासत
बिना वारंट घरों में प्रवेश का आरोप, सांसद ने बताया लोकतंत्र की हत्या; पुलिस ने कहा- प्राथमिकी के अनुसंधान में हुई कार्रवाई
बांका के जदयू के बांका सांसद गिरिधारी यादव के तीन ठिकानों पर पुलिस द्वारा की गई छापेमारी को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। सांसद ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके ठिकानों पर बिना किसी वारंट के पहुंची और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में तलाशी ली। वहीं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने सांसद के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि कार्रवाई एक प्राथमिकी के अनुसंधान के क्रम में की गई है और इसका सांसद या उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है।
सांसद गिरिधारी यादव के अनुसार शनिवार की देर रात पुलिस की टीम उनके पैतृक आवास बरौधिया, चांदन स्थित आवास तथा देवघर स्थित आवास पर पहुंची। तीनों स्थानों पर पुलिस ने तलाशी ली। सांसद का कहना है कि जब पुलिसकर्मियों से कार्रवाई से संबंधित वारंट दिखाने को कहा गया तो कोई वारंट प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को किसी मामले में पूछताछ करनी थी तो उन्हें इसकी सूचना दी जा सकती थी।
सांसद ने कहा कि छापेमारी के दौरान उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मुलाकात के लिए समय मांगा।
गिरिधारी यादव ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के घर पर इस तरह की कार्रवाई गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई की वजह स्पष्ट होनी चाहिए। सांसद ने राज्य सरकार और वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कराने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
इधर, पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने सांसद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधान के क्रम में संभावित आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में सांसद या उनके परिवार को आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस के इस स्पष्टीकरण के बाद भी सांसद की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
.png)




