Left Post

Type Here to Get Search Results !
Responsive Image
LIVE

कांवरिया बने संजय चौहान ने पेश की इंसानियत की मिसाल

सुबोध सिंह ,क्राइम रिपोर्टर बांका, बिहार 


कांवरिया बने संजय चौहान ने पेश की इंसानियत की मिसाल, जंगल में भटकी बच्ची को पहुंचाया परिवार तक 

सुनसान रास्ते पर अकेली मिली 9 वर्षीय बच्ची को सुरक्षित सेवा शिविर ले गए, पुलिस को दी सूचना परिजनों ने जताया आभार

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में कांवरिया यात्रा के दौरान जहां श्रद्धालु आस्था और भक्ति में लीन नजर आते हैं, वहीं राजद नेता एवं शिक्षाविद संजय चौहान ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर लोगों का दिल जीत लिया। सुल्तानगंज से जल उठाकर कांवरिया यात्रा पूरी करने के बाद लौट रहे संजय चौहान को 20 अगस्त की देर रात करीब 11 बजे कटोरिया-सुईया जंगल के बीच सुनसान स्थान पर करीब नौ-दस वर्ष की बच्ची अकेली और असहाय हालत में मिली।

बच्ची अपने परिजनों से बिछुड़ गई थी। देर रात जंगल के सुनसान रास्ते पर बच्ची को अकेला देखकर संजय चौहान ने उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने तत्काल बच्ची को अपनी गाड़ी में बैठाया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए नाजिरपुर सेवा शिविर पहुंचे। वहां बच्ची को सेवा शिविर में मौजूद धर्मेंद्र यादव के सुपुर्द किया। इसके बाद उन्होंने स्वयं कटोरिया और सुईया थाना पुलिस को घटना की सूचना दी, ताकि बच्ची के परिजनों की जल्द तलाश की जा सके। पुलिस की सक्रियता से परिजनों से मिली बच्ची सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी गई। 

सेवा शिविर और पुलिस के प्रयास से कुछ ही देर में बच्ची के परिजन नाजिरपुर सेवा शिविर पहुंच गए। बच्ची को सुरक्षित देखकर परिजनों की चिंता दूर हुई। लंबे समय से बिछड़ी बच्ची भी अपने परिजनों को देखकर राहत महसूस करती नजर आई। परिजनों ने संजय चौहान का आभार जताते हुए कहा कि अगर उन्होंने समय रहते बच्ची को सुरक्षित अपने साथ नहीं लिया होता तो सुनसान जंगल के रास्ते पर उसके साथ किसी तरह की अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने कहा कि संजय चौहान की संवेदनशीलता के कारण बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी। 
मानवीय पहल की जमकर सराहना संजय चौहान के इस मानवीय कार्य की सेवा शिविर से जुड़े लोगों, पुलिस पदाधिकारियों और बच्ची के परिजनों ने जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि कांवरिया यात्रा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी सुविधा की चिंता किए बिना एक असहाय बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। संजय चौहान ने कहा कि बच्ची को देर रात सुनसान स्थान पर अकेला देखकर उसकी मदद करना उन्होंने अपना मानवीय कर्तव्य समझा। ऐसे समय में किसी असहाय बच्चे की सहायता करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उनकी इस पहल की क्षेत्र में भी चर्चा हो रही है।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Design by - Blogger Templates |